1 फ़रवरी को पेश होने वाले आम बजट में संयुक्त कर प्रणाली लागू करने की कि अपील : राजेश जैन

Implement a Unified Tax System

Implement a Unified Tax System

Implement a Unified Tax System: गुहला चीका अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश सचिव एवं प्रमुख उद्योगपति राजेश जैन ने भारत की वित्त मंत्री सीता रमन जी से आगामी बजट में ट्वीट एवं मेल द्वारा एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने वित्त मंत्री से अनुरोध किया है कि वे आगामी बजट में संयुक्त कराधान (Joint Taxation) की पेशकश करें, यह प्रस्ताव कई भारतीय परिवारों के लिए कर का बोझ कम कर सकता है, खासकर एकल-आय वाले परिवारों या उन दंपतियों के लिए जिनकी आय में बड़ा अंतर है।
जैन ने कहा, “नई कर व्यवस्था के तहत वर्तमान में, आयकर अधिनियम के अनुसार ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। ₹4 लाख से ₹8 लाख तक की आय पर 5% टैक्स लगाया जाता है। इसके अलावा, ₹8 लाख से ₹12 लाख तक की आय पर 10% टैक्स लगता है, और ₹12 लाख से ₹16 लाख तक की आय पर 15% टैक्स लगाया जाता है। ₹16 लाख से ₹20 लाख तक की आय पर 20% टैक्स देना होता है, जबकि ₹20 लाख से ₹24 लाख तक की आय पर 25% टैक्स लागू होता है। ₹24 लाख से अधिक की आय पर 30% टैक्स लगाया जाता है।
इसके साथ ही, आयकर अधिनियम की धारा 87A के तहत यदि किसी व्यक्ति की कुल कर योग्य आय ₹12 लाख तक है, तो उस पर लगने वाला पूरा आयकर रीबेट के माध्यम से शून्य हो जाएगा। राजेश जैन ने कहा कि इस प्रकार, नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय पूरी तरह कर-मुक्त हो जाती है | 
उन्होंने आगे कहा, "वर्तमान प्रणाली के तहत, विवाहित दंपतियों को अलग-अलग करदाता माना जाता है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करना होता है। यह व्यवस्था दोहरी आय वाले परिवारों के लिए अपेक्षाकृत अच्छी तरह काम करती है, क्योंकि दोनों पति-पत्नी स्वतंत्र रूप से छूट सीमा, कटौतियों और रिबेट का लाभ उठा सकते हैं”।
हालांकि, एकल-आय वाले परिवारों या उन घरों के लिए जहाँ एक जीवनसाथी की आय दूसरे की तुलना में काफी अधिक है, यह प्रणाली कम न्यायसंगत साबित हो सकती है। ऐसे मामलों में पूरा कर-भार एक ही व्यक्ति पर आ जाता है, जिससे आय अक्सर ऊँचे टैक्स स्लैब में चली जाती है।
संयुक्त कराधान पहले से ही संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में प्रचलित है, जहां विवाहित जोड़े अपनी आय को मिलाकर एक ही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
जैन ने कहा, "हम वित्त मंत्री जी से अनुरोध करते हैं कि वे इस अपील पर विचार करें और आगामी बजट में संयुक्त फैमिली आईटीआर की पेशकश करें, जिससे मध्यम वर्ग के परिवारों को लाभ हो।"